रात के ठीक 2:00 बजे हैं। मुंबई की मूसलाधार बारिश पूरे शहर को अपने आगोश में लिए हुए है। ईस्टर्न एक्सप्रेसवे हाईवे से हटकर, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के सुनसान इलाके में बना एक पुराना बंद पड़ा वेयरहाउस... बाहर समुद्र की उठती लहरें और लोहे की छत पर गिरती भारी बूँदें एक खौफनाक शोर पैदा कर रही हैं। अंदर डिम नियोन ब्लू और रेड लाइट्स की रोशनी में सिगरेट का धुआँ और ज़मीन पर ताज़ा बहता खून आपस में घुला हुआ है।
ज़मीन पर तीन लाशें खून से लथपथ पड़ी हैं। तीनों मुंबई के फेमस अंडरग्राउंड सिंडिकेट जोरावर भान के स्पेशल शूटर थे, जिन्हें कुछ ही मिनटों पहले बहुत बेरहमी से ठिकाने लगाया गया है।
अद्वैत ओबेरॉय अपनी ऑल-ब्लैक फिटेड लेदर जैकेट और ब्लैक जींस में खड़ा है। जैकेट के अंदर पहनी ब्लैक टी-शर्ट उसकी ब्रॉड चेस्ट और शोल्डर्स, 6 फीट 2 इंच की मस्कुलर फिजिक को साफ़ हाईलाइट कर रही है। चेहरे पर शार्प जॉ-लाइन, गीले बाल और आँखों में ज़रा भी पछतावा या डर नहीं... सिर्फ एक बर्फ़ जैसा जानलेवा सन्नाटा! उसके राइट हैंड में Glock 19 गन है, जिससे अभी भी धुआँ निकल रहा है।
अद्वैत अपनी पॉकेट से सिगरेट निकालता है और उसे होंठों के बीच दबाता है। वह अपनी जैकेट की अंदर वाली पॉकेट से विंटेज मैटेलिक लाइटर निकालता है। लाइटर के ढक्कन के मेटल की आवाज़ उस खामोशी को चीरती है। अद्वैत का दिमाग हर सेकंड 100 कैल्कुलेशन्स कर रहा है।
वह बिना पीछे मुड़े बेहद ठंडी और भारी आवाज़ में कहता है, "समर... इन तीनों को समंदर में फेंक दो और गाड़ी निकालो। मुझे 5 मिनट के अंदर यहाँ से बिना कोई सुराग छोड़े निकलना है।"
समर अपनी गन को होल्स्टर में डालते हुए ज़मीन पर पड़े खून को देखता है। वह आगे बढ़ता ही है कि अचानक उसकी नजरें ऊपर लोहे की जंग लगी गैलरी की तरफ जाती हैं और वह वहीं रुक जाता है।
समर धीमी मगर अलर्ट आवाज़ में कहता है, "अद्वैत... रुक जाओ! वी हैव अ प्रॉब्लम... ऊपर देखो।"
अद्वैत की उँगली झटके से ट्रिगर पर आती है। बिना एक सेकंड गंवाए वह तुरंत मुड़ता है और सीधा निशाना ओपन गैलरी की तरफ करता है। उसकी आँखों में कोई झिझक नहीं है... सामने जो भी हो, वह तैयार था।
गैलरी के अंधेरे को चीरती हुई एक फिगर लोहे की रेलिंग पर आकर टेक लेती है—इनाया कपूर! ब्लैक कलर की फिटेड कट-आउट लेदर ड्रेस, जो उसकी 5 फीट 7 इंच की टोन आवरग्लास फिगर और लंबी टांगों को एकदम साफ़ और बोल्ड लुक दे रही है। उसकी दोनों थाइज़ पर बंधे डार्क लेदर स्ट्रैप में गन साफ़ चमक रही है। होंठों पर वाइन रेड लिपस्टिक, खुले बाल और आँखों में किसी भी खतरे से बेफिक्र घमंड!
इनाया अद्वैत की तरफ देखती है, "तीसरा शॉट थोड़ा लेफ्ट में लग गया... मिस्टर ओबेरॉय, थोड़ा चूक गए! अगर आधा इंच राइट साइड होता... तो सीधा भेजा उस कंक्रीट की दीवार पर चिपका मिलता।"
समर तुरंत अपनी गन निकालकर इनाया की तरफ पॉइंट कर देता है, लेकिन इनाया के चेहरे पर शिकन तक नहीं आती। वह अपनी हील्स की आवाज़ के साथ लोहे की सीढ़ियों से नीचे उतरना शुरू करती है। उसके हर स्टेप में एक जानलेवा स्वैग और वाइल्ड एटीट्यूड होता है।
अद्वैत अपनी गन सीधे उसके माथे पर पॉइंट करते हुए बोलता है, "मुंबई में मेरी जगह पर बिना परमिशन घुसने वाले वापस ज़िंदा नहीं जाते, लड़की... तुम्हें यहाँ आने की इजाज़त किसने दी?"
इनाया सीढ़ियाँ उतरकर सीधे अद्वैत के सामने आकर खड़ी हो जाती है। दोनों के बीच मुश्किल से तीन इंच का फ़ासला बचा है। इनाया के परफ़्यूम की स्मेल सीधे अद्वैत की साँसों में घुल जाती है। इनाया बिना डरे अपनी उँगली अद्वैत की गन पर रखती है और धीरे से उसे नीचे पुश कर देती है।
इनाया अद्वैत की नजरों से अपनी नजरें मिलाते हुए कहती है, "मुझे धमकाने की भूल अपनी जिंदगी में दोबारा मत करना, मिस्टर अद्वैत ओबेरॉय! तुम्हें क्या लगा... तुम यहाँ इतना बड़ा मर्डर करके सबूत मिटाओगे और मेरी इंफो एजेंसी को इसकी भनक भी नहीं लगेगी? कपूर इंडस्ट्रीज का नेटवर्क तुम्हारी सोच से बहुत आगे है।"
अद्वैत बिना पलक झपकाए अपनी गन को इनाया की चिन से टिकाते हुए बहुत ही डार्क आवाज़ में बोलता है, "तुम अंधेरे से निकलकर आई हो... बिल्कुल एक परछाई की तरह। लेकिन याद रखना, मैं अंधेरे का आदी हूँ और परछाइयों को हमेशा के लिए मिटाने में मुझे एक सेकंड का समय भी नहीं लगता।"
इनाया की आँखों में हल्की सी चमक आती है। वह अद्वैत की इस धमकी से डरने की बजाय उसकी चेस्ट पर अपना हाथ रखकर प्रेस करते हुए बिल्कुल उसके नजदीक आकर धीमे से कहती है, "अंधेरे में रहने की आदत मुझे भी बचपन से है, मिस्टर ओबेरॉय... तुम कोई अकेले Phantom नहीं हो जो इस खतरनाक अंडरग्राउंड दुनिया पर राज करते हो। और रही बात मुझे मिटाने की... तो बातें मत बनाओ, हिम्मत है तो ट्रिगर दबाकर दिखाओ!"
अद्वैत की आँखें पल भर के लिए छोटी हो जाती हैं। इस लड़की का एटीट्यूड और उसकी ज़ुबान का तीखापन किसी भी आम इंसान से अलग था। अद्वैत झटके से अपना हाथ आगे बढ़ाकर इनाया को कमर से पकड़कर अपनी ग्रिप में ले लेता है। वह उसे अपनी तरफ खींचता है और इनाया अद्वैत के सीने से ज़ोर से टकरा जाती है।
इनाया की साँस एक पल के लिए रुकती है, लेकिन उसके चेहरे से वह कातिलाना मुस्कान गायब नहीं होती। अद्वैत इनाया की गर्दन के पास झुकता है। उसकी गर्म साँसें इनाया को अपने गले पर महसूस होती हैं। अद्वैत की पकड़ इनाया की कमर पर और कस जाती है, जैसे वह उस पर अपना पूरा हक जमा रहा हो।
अद्वैत इनाया के कान के बिल्कुल करीब आकर कहता है, "तुम्हारी इस ज़ुबान में बहुत ज़्यादा ज़हर भरा है, लड़की... बिल्कुल एक खतरनाक जहरीली नागिन की तरह... Venom...।"
इनाया की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं। अद्वैत का यह एटीट्यूड, उसकी ग्रिप और उसकी भारी आवाज़ किसी को भी घुटनों पर ला सकती थी, लेकिन इनाया कपूर झुकने के लिए नहीं बनी थी। इनाया अपना हाथ ऊपर उठाती है और अद्वैत की जैकेट के कॉलर को पकड़कर झटके से उसे अपनी तरफ खींचती है।
उन दोनों के होंठ बहुत करीब थे। इनाया अद्वैत की आँखों में घूरते हुए बोल्ड आवाज़ में कहती है, "अगर मैं Venom हूँ ओबेरॉय... तो इस ज़हर को चखने की औकात भी हर किसी में नहीं है! कोई छूने की कोशिश करेगा तो तड़प-तड़प कर मरेगा... समझे Phantom?"
अद्वैत की पकड़ उसकी कमर पर थोड़ी और कस जाती है। दोनों के बीच एक भयंकर जंग छिड़ चुकी होती है। अद्वैत कुछ बोलने वाला होता है कि तभी वेयरहाउस का गेट एक जोरदार धमाके के साथ टूटकर दूर गिरता है और एक SUV गेट को रौंदती हुई सीधे अंदर घुस आती है।
गाड़ी की हेडलाइट्स की तेज़ सफ़ेद रोशनी सीधे अद्वैत और इनाया के चेहरे पर पड़ती है। गाड़ी के रुकते ही उसके दरवाजे खुलते हैं और जोरावर भान के शूटर्स बाहर निकलते हैं। उनके हाथ में हैवी ऑटोमैटिक AK-47 और सब-मशीन गन्स थीं।
"ओबेरॉय और वो लड़की दोनों यहीं हैं! जोरावर भाई का हुकूम है... कोई ज़िंदा नहीं बचना चाहिए! फायर...!"
बिना किसी वॉर्निंग के शूटर्स अंधाधुंध गोलियों की बौछार शुरू कर देते हैं। लोहे के ड्रमों पर गोलियाँ लगने से चिंगारियाँ उड़ती हैं और काँच की खिड़कियाँ चकनाचूर होकर गिरने लगती हैं।
अद्वैत एक सेकंड भी बर्बाद नहीं करता। वह इनाया की कमर को और कसकर पकड़ता है और उसे झटके से अपने साथ खींचते हुए एक भारी लोहे के शिपिंग कंटेनर के पीछे ज़मीन पर स्लाइड करता है।
अद्वैत इनाया को कंक्रीट की दीवार से सटा देता है। उसकी पूरी बॉडी इनाया के ऊपर होती है ताकि गोलियाँ उस तक न पहुँचें। वो दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब थे। अद्वैत इनाया के चेहरे के ऊपर झुककर अपनी गन लोड करते हुए कहता है, "मेरे पीछे रहना, Venom! अगर अपनी यह जान प्यारी है तो बीच में टाँग अड़ाने की कोशिश मत करना।"
इनाया अद्वैत के सीने पर हाथ रखकर उसे हल्का सा पीछे धक्का देती है। वह अपनी राइट साइड के लेदर स्ट्रैप तक हाथ ले जाती है और एक ही झटके में अपनी गन बाहर निकाल लेती है।
इनाया मुस्कुराते हुए पूरे घमंड के साथ कहती है, "मुझे प्रोटेक्ट करने का नाटक मत करो, Phantom! अपना देखो, क्योंकि मैं अपना रास्ता खुद बनाती हूँ।"
और वह अद्वैत की बात बिना सुने कंटेनर के पीछे से बाहर की तरफ स्लाइड करती है। सामने से दो शूटर AK-47 ताने उनकी तरफ भाग रहे होते हैं। तभी इनाया थोड़ा ऊपर उठकर दोनों गन एक साथ चला देती है!
पहली गोली एक शूटर के माथे के बीचोबीच छेद करती हुई निकल जाती है, और दूसरी गोली दूसरे शूटर की आँख को चीरती हुई उसके भेजे से बाहर निकलती है। खून की लाल बौछार पीछे बनी दीवार पर छिटकती है और दोनों बॉडीज वहीं गिर जाती हैं।
दूसरी तरफ, अद्वैत अब एक खूँखार शिकारी में बदल चुका है। अद्वैत कवर से बाहर निकलता है। वह सीधे एक शूटर के सामने पहुँचता है। शूटर अपनी राइफल उसकी तरफ घुमाता, उससे पहले ही अद्वैत झटके से उसका हाथ पकड़ता है और उसे उल्टा मरोड़ देता है।
हड्डी टूटने की भयंकर आवाज़ आती है और उस आदमी की चीख निकल जाती है। अद्वैत उसी की AK-47 को घुमाकर पकड़ता है और पॉइंट-ब्लैंक रेंज से शूटर की छाती में पाँच गोलियाँ उतार देता है।
अद्वैत राइफल को फेंककर अपनी गन निकालता है और आगे बढ़ते हुए तीन और शूटर्स के गले और चेस्ट पर गोलियाँ दागता है। हर शॉट एक जानलेवा और बेरहम वार है।
इनाया दूसरी तरफ से दो शूटर्स को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है। एक शूटर उस पर चाकू से हमला करने की कोशिश करता है। इनाया उसकी कलाई पकड़ती है, अपनी हील से उसके पैर के पंजे पर मारती है और उसे पीछे घुमाकर अपनी गन उसके मुँह के अंदर डालकर ट्रिगर दबा देती है! शूटर का सिर पीछे उड़ जाता है।
पूरा वेयरहाउस काले धुएँ, गोलियों की गूँज और खून से भर चुका है। अद्वैत और इनाया अब वेयरहाउस के बीचोबीच एक-दूसरे से पीठ सटाकर खड़े हैं। अद्वैत की पीठ इनाया की कमर से सट रही थी। दोनों की साँसें तेज़ हैं, दोनों की बॉडी पर पसीना आ रहा था... कोई झिझक नहीं, कोई ड्रामा नहीं... दोनों अंडरग्राउंड दुनिया के दो सबसे खतरनाक शिकारियों की तरह एक साथ तबाही मचा रहे थे!
अद्वैत अपनी गन लोड करता है और इनाया के कान के पास झुकता है। अद्वैत अपनी डार्क आवाज़ में कहता है, "निशाना बुरा नहीं है, Venom...।"
इनाया अपने कंधे से अद्वैत के कंधे को हल्की सी टक्कर देती है और अपनी गन के धुएँ को फूँक मारती हुई कहती है, "अभी तो सिर्फ वॉर्मअप था, Phantom... असली खेल तो अब शुरू होगा!"
बाहर की तरफ से दो और गाड़ियों के सायरन और गोलियों की आवाज़ आने लगती है। जोरावर भान के और आदमी पहुँच चुके थे... लेकिन इनाया और अद्वैत दोनों के चेहरे पर डर का एक भी कतरा नहीं था!
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